Wednesday, May 20, 2026
एडीजे देवराज बने परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश
न्यायिक पदाधिकारी के साथ हुआ साइबर फ़्रॉड
आज होगा एडवोकेट एसोसिएशन का चुनाव
भयभीत होकर काम कर रहें हैँ अधिवक्ता
नवादा की जिला सत्र न्यायाधीश का निधन
वरीय अधिवक्ता अंशुल राज पटना हाई कोर्ट के जज नियुक्त
पटना सिविल कोर्ट बम से उड़ाने की फिर मिली धमकी
न्यायमूर्ति श्री सुधीर सिंह का तबादला हुआ पटना हाई कोर्ट
भारत का ऑपरेशन सिन्दूर" ,पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानो पर एयर स्ट्राइक
पटना। पटना हाई कोर्ट ने एक फैसले में स्पष्ट किया की किसी सरकारी कर्मचारी के पहली पत्नी के रहते हुए दुसरी पत्नी से जन्म हुआ बच्चा भी अनुकम्पा पर बहाली के हकदार होगा। जस्टिस अश्वनीकुमार सिंह की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पूर्ण पीठ ने बिहार सरकार व अन्य द्वारा दायर अपील को निष्पादित करते हुए कार्मिक विभाग द्वारा जारी विगत 23जून2005 के परिपत्र के उस भाग को गैरकानूनी घोषित कर दिया, जिसके तहत अवैध रूप से दूसरी शादी करने वाले सरकारी कर्मचारी के दूसरी पत्नी से हुए बच्चे के अनुकम्पा बहाली पर रोक थी,लेकिन साथ ही साथ अदालत ने यह भी कहा की यह लाभ तभी मिलेगा जब दूसरी शादी करने के लिए विभागीय कारवाई के तहत सज़ा नहीं मिली हो। यह मामला राज्य के विधुत कंपनी के एक लाइन मैन कर्मचारी की दूसरी पत्नी के बेटे के अनुकम्पा पर बहाली का था।