Wednesday, May 20, 2026
एडीजे देवराज बने परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश
न्यायिक पदाधिकारी के साथ हुआ साइबर फ़्रॉड
आज होगा एडवोकेट एसोसिएशन का चुनाव
भयभीत होकर काम कर रहें हैँ अधिवक्ता
नवादा की जिला सत्र न्यायाधीश का निधन
वरीय अधिवक्ता अंशुल राज पटना हाई कोर्ट के जज नियुक्त
पटना सिविल कोर्ट बम से उड़ाने की फिर मिली धमकी
न्यायमूर्ति श्री सुधीर सिंह का तबादला हुआ पटना हाई कोर्ट
भारत का ऑपरेशन सिन्दूर" ,पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानो पर एयर स्ट्राइक
न्यू दिल्ली। केंद्र सरकार ने स्वास्थ्यकर्मियों पर होने वाले हमले और उत्पीड़न को रोकने हेतु अध्यादेश लेकर आई है।इस अध्यादेश के मुताबिक अगर कोई आदमी मेडिकलकर्मियों के साथ हिंसा का दोषी पाया जाता है तो उसे ६महीने से लेकर सात साल की सजा होगी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने अध्यादेश की जानकारी देते हुए बताया की महामारी कानून में कैबिनेट ने बदलाव किया है और इसे गैर जमानती बनाया गया है।३०दिन में चार्ज शीट और एक साल में फैसला।मेडिकल टीम पर हमला करने पर ३महीने से५साल की सजा और ५०००० रुपए से२००००० रूपए का जुर्माना होगा। अगर गंभीर नुकसान हुआ तो ६महीने से ७साल की सजा का प्रावधान है और जुर्माना एक लाख रुपए से पांच लाख रुपए है। प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि अगर स्वास्थ्य कर्मियों के वाहनों या क्लीनिकों को नुकसान हुआ तो अपराधियों से क्षति ग्रस्त की गई संपत्ति का बाज़ार मूल्य का दुगुना मुआवजा के रूप में वसूला जाएगा। प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर के तुरंत प्रभाव से जारी होगा। Lawkhabar की टीम की ओर आप सभी से अनुरोध है कि लॉकडाउन का पालन करें सोशल डिस्टेंस बनाकर रखें सावधानी बरतें।